🪔 नरक चतुर्दशी — छोटी दिवाली की मंगल बधाई 🪔
॥ श्री मात्रे नमः ॥
परम पूज्य गुरुदेव धर्माचार्य श्री सोमेश परसाई जी की ओर से आप सभी को नरक चतुर्दशी पर्व की मंगल बधाई।

नरक चतुर्दशी 2026:
इस वर्ष कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे से 8 नवंबर सुबह 11:47 बजे तक रहेगी। इसी कारण 7 नवंबर को शाम को यम दीपदान, काली चौदस पूजन और 8 नवंबर को सुबह अभ्यंग स्नान किया जाएगा।
इस पर्व का महत्व:
नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली, रूप चतुर्दशी, रूप चौदस और काली चौदस भी कहा जाता है।
कथा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,100 कन्याओं को मुक्त कराया था। उसी विजय की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है — अंधकार पर प्रकाश की, अधर्म पर धर्म की, और अहंकार पर भक्ति की विजय।
इस दिन प्रातः उबटन लगाकर अभ्यंग स्नान करने से रूप, सौंदर्य, स्वास्थ्य और पापों से मुक्ति मिलती है। शाम को यमराज के नाम का दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
गुरुदेव का संदेश:
> “नरक चतुर्दशी हमें सिखाती है कि जीवन का असली नरक बाहर नहीं, मन के अंदर है — काम, क्रोध, लोभ और अहंकार ही असली नरकासुर हैं। भगवान विष्णु की कृपा से जब मन शुद्ध होता है, तभी जीवन में सच्ची दिवाली आती है।”
आइए, इस पावन पर्व पर हम अपने मन के अंधकार को मिटाकर, दीप जलाएं, भक्ति करें और सभी के मंगल की कामना करें।
॥ नरक चतुर्दशी पर्व की सभी को मंगल बधाई ॥
— परम पूज्य गुरुदेव धर्माचार्य श्री सोमेश परसाई जी










